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बिना अफसर, 10 पदों के लिए 6 हजार से ज्यादा आवेदन

जून के महीने में केंद्र सरकार द्वारा प्राइवेट सेक्टर के लोगों के लिए निकाले गए जॉइंट सेक्रेटरी के 10 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था. जिसमें यूपीएससी की परीक्षा दिए बगैर भी सरकार में बड़ा अधिकारी बनने का मौका दिया जा रहा है.
वहीं, अब इन 10 पदों पर  आवेदन आए हैं. बता दें, सरकार ने लैटरल एंट्री के माध्यम से 10 जॉइंट सेक्रेटरी पद के लिए नोटिफिकेशन जारी करते हुए आवेदन मांगे थे. इसके तहत प्राइवेट सेक्टर के लोग अनुबंध के तहत सरकार से जुड़ सकते हैं.  अधिकारियों के मुताबिक इन पदों के लिए 6, आवेदन मिले हैं. ये पद राजस्व विभाग, वित्तीय सेवा, आर्थिक मामले, कृषि और कृषक कल्याण, सड़क परिवहन तथा राजमार्ग, पोत परिवहन, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन तथा वाणिज्य विभागों में निकाले गए हैं. इसके लिए आवेदन की आखिरी तारीख 30 जुलाई थी.
जानें- कितनी होगी सैलरी
मोदी सरकार इन पदों पर चयनित होने वाले उम्मीदवारों को 1.44 लाख से 2.18 लाख रुपये प्रति महीना सैलरी देगी और इस सैलरी के साथ उम्मीदवारों को कई भत्ते और सुविधाएं भी सरकार की ओर से दी जाएगी.
शॉर्ट लिस्ट का काम शुरू
एक अधिकारी ने बताया, जो आवेदन आए हैं उनके लिए 'केंद्र सरकार शॉर्ट लिस्ट करने का काम शुरू कर दिया है. आपको बता दें, जॉइंट सेक्रटरी के इन पदों पर  के माध्यम से चुनकर आने वाले IAS, IPS, IFS, IRS की नियुक्ति की जाती है.
मनमोहन सिंह सरकार में योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी लैटरल एंट्री के माध्यम से ही नियुक्त हुए थे. पिछले महीने सरकार ने संसद में कहा कि इस तरह की नियुक्तियों से प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ेगा.
कैसे होगा चयन
ज्वॉइन सेक्रेटरी के चयन के लिए उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया जाएगा और कैबिनेट सेक्रेटरी के नेतृत्व में बनने वाली कमिटी इनका इंटरव्यू लेगी.टल बिहारी वाजपेयी हमेशा से अपनी वाकपटुता के लिए जाने जाते रहे. उनकी इस शैली को चरितार्थ करता एक वाक्या याद आता है, जब उन्होंने सोनिया गांधी द्वारा उनकी बात को झूठा कहने पर बड़े ही विनम्रता के साथ पलटवार किया था.
1999 में एक वोट से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार गिर गई थी. इसके बाद सोनिया गांधी ने एक चुनावी भाषण में कहा था कि अटल बिहारी वाजपेयी ने झूठ कहा है. अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए यहां क्लिक करें
जिसके जवाब में ग्वालियर के फूलबाग मैदान पर सभा के दौरान अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने ही अंदाज में सोनिया गांधी पर पलटवार किया था. उन्होंने कहा, ‘मुझे सोनिया गांधी ने झूठा कहा है, मैं भी जवाब दे सकता हूं लेकिन ग्वालियर के लोगों ने मुझे ऐसे संस्कार नहीं दिए हैं.’ उनकी इस बात के बाद फूलबाग मैदान तालियों की गड़गड़ाहट के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी के नाम के नारों से गूंज उठा था.
इस सभा में अटल जी ने दुख भी जताया था कि एक वोट के खिलाफ जाने के कारण सदन में वो बहुमत साबित नहीं कर पाए और 13 महीने बाद उनकी सरकार गिर गई.
दरअसल, 1998 के लोकसभा चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. जिसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में अन्नाद्रमुक के साथ मिलकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ने केंद्र में सरकार बनाई. लेकिन सरकार बनने के 13 महीने बाद अन्नाद्रमुक ने राजग से अपना समर्थन वापस ले लिया, जिसके बाद सदन में हुए फ्लोर टेस्ट में वाजपेयी बहुमत साबित नहीं कर पाए और एक वोट से सरकार गिर गई. बता दें कि ओडिशा के मुख्यमंत्री गिरधर गमांग ने सरकार के खिलाफ वोट डाला था. इसके लिए वो खासतौर पर दिल्ली आए थे.

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