Skip to main content

बंदूकों के साये में अफ़ग़ानों को ऐसे हुआ क्रिकेट से इश्क़

हाल ही में दुबई में खेले गए एशिया कप क्रिकेट का ख़िताब भले ही भारतीय टीम ने जीता हो, लेकिन जिस टीम ने सभी का दिल जीता वह थी अफ़गानिस्तान.
अफ़ग़ानिस्तान फ़ाइनल तक नहीं पहुंच पाया लेकिन फ़ाइनल खेलने वाली दोनों ही टीमों यानी भारत और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ उसने अपने मैच में सांसें रोक देने वाला प्रदर्शन किया.
ग्रुप स्टेज के मैच में अफ़गान टीम बांग्लादेश और श्रीलंका को मात देकर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रही, तो सुपर-4 चरण में भी इस टीम ने लाजवाब प्रदर्शन किया.
यहां अफ़ग़ानिस्तान ने पाकिस्तान को जीत दर्ज करने के लिए नाकों चने चबवाए तो वहीं भारत जैसी मज़बूत टीम के ख़िलाफ़ टाई मैच खेल सभी को हैरान कर दिया.
आमतौर पर अफ़ग़ानिस्तान की पहचान वहां चलने वाले गृहयुद्ध, हमले और तबाही दर्शाते मंज़र ही होते हैं. लेकिन इन सबके बीच वहां क्रिकेट की पौध कैसे उगने लगी, इसकी कहानी भी कम दिलचस्प नहीं.
दरअसल क्रिकेट का खेल अफ़ग़ानिस्तान की सीमाओं में पाकिस्तान के रास्ते घुसा. साल 1990 के दौर में पाकिस्तान में रहने वाले अफ़ग़ान रिफ्यूजी जब अपने देश लौटे तो अपने साथ क्रिकेट की विरासत भी लेकर आए.
इसके बाद साल 1995 में अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) का गठन हुआ और साल 2001 में अफ़ग़ान टीम को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) की मान्यता भी मिल गई.
इससे ठीक एक साल पहले ही तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान में खेलों पर लगा प्रतिबंध हटाया.
आईसीसी से मान्यता मिलने के बाद अफ़ग़ानिस्तान ने क्रिकेट के मैदान में ज़बरदस्त तरीके से तरक्की की और साल 2015 के विश्वकप के लिए ना सिर्फ क्वालिफाई किया बल्कि वहां अपनी पहली जीत भी दर्ज की.
विश्व कप 2015 में अफ़ग़ानिस्तान ने स्कॉटलैंड को हराया था.
अफ़ग़ानिस्तान टीम के स्टार ऑलराउंडर राशिद ख़ान मौजूदा वक़्त में आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर एक पायदान पर मौजूद हैं. इसी तरह अफ़ग़ान टीम में और भी कई स्टार खिलाड़ी मौजूद हैं.
टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद नबी पाकिस्तान में स्थित एक रिफ़्यूजी कैम्प में बड़े हुए. कैम्प में वे लकड़ी के फट्टों और कपड़ों की गेंद से क्रिकेट खेला करते थे. साल 2013 में उनके पिता का अपहरण तक कर लिया गया था.
साल 1990 में अफ़ग़ान क्रिकेट टीम का सपना देखने वाले ताज मलूक ने बीबीसी को बताया था
क्रिकेट के ज़रिए अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रीयता की भावना भी बढ़ रही है. शुरुआत में अफ़ग़ान टीम में आमतौर पर पश्तून खिलाड़ी ही शामिल थे.
पाकिस्तान की सीमा से लगे हिस्सों से आने वाले खिलाड़ी ही अफ़ग़ान टीम का प्रतिनिधित्व करते थे. लेकिन अब टीम का यह स्वरूप बदल रहा है. अफ़ग़ानिस्तान टीम का समर्थन करते और सड़कों पर जश्न मनाते हज़ारा, उज़्बेक और तजाकिस्तान के लोग भी भरपूर मात्रा में दिखते हैं.
एशिया कप में अपनी टीम का समर्थन के लिए लिए हज़ारों की तादाद में अफ़ग़ान समर्थक दुबई पहुंचे थे.
, ''हम लोग काच्चा कारा कैम्प रहते थे, मैंने अफ़ग़ान रिफ्यूजी लड़कों की एक क्रिकेट टीम बनाई थी जिसमें मेरे ही तीन भाई शामिल थे. हम क्रिकेट के लिए पागल थे, हरेक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच देखने की कोशिश करते थे.''
''जब मैंने अफ़ग़ान टीम बनाने के बारे में सोचा तो मैं लड़कों के घर गया और उनसे क्रिकेट खेलने की अपील की, लेकिन लड़कों के परिजनों ने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि क्रिकेट से सिर्फ वक़्त बर्बाद होता है.''
अफ़ग़ान टीम में ओपनर रह चुके करीम सादिक़ पाकिस्तान के कच्चा कारा रिफ़्यूजी कैम्प में रहते थे. वे रात के वक़्त फैक्ट्री में काम करते और दिन में क्रिकेट खेलते थे. वे अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताते हैं, ''हमारे पास खाना खाने तक के लिए पैसे नहीं रहते थे ऐसे में परिवारवालों के सामने क्रिकेट खेलने के लिए बोलना तो बहुत बड़ी बात थी."

Comments

Popular posts from this blog

सानिया को शोएब अख़्तर ने बदक़िस्मत ख़ातून क्यों कहा

क्रिकेट वर्ल्ड कप में 1 6 जून को पाकिस्तान की भारत से हार के बाद भारत की टे निस स्टर सानिया मिर्ज़ा इस बार पाकिस्तान में निशाने पर हैं. पाकिस्तानी अभिनेत्री वीना मलिक ने भी सानिया को ट्विटर पर कई सलाह दे डाली. इस सलाह के बाद सानिया बिफर पड़ीं और वीना मलिक को ब्लॉक कर दि या. अब पूरे मामले पर पाकिस्तान के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर सामने आए हैं. उन्होंने सानिया को बदक़िस्मत ख़ातून कहा है. शोएब अख़्तर ने कहा, ''सानिया एक बदक़िस्मत ख़ातून हैं जो कुछ भी कर लें लेकिन हिन्दुस्ता न और पाकिस्तान में निशाने पर आ ही जाती हैं. सानिया को लोग बेमतलब के निशाने पर लेते हैं. अगर वो अपने पति के साथ खाना खाने गई हैं और उनका छोटा बच्चा भी है, तो इसमें क्या ज़ुर्म कर दिया?'' शोएब ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा है, ''उन्होंने पाकिस्तानी से शादी कर ली तो इसके लिए हिन्दु्स्तान से आलोचना झेलनी पड़ी अब जब पाकिस्तान मैच हारा तो इसकी ज़िम्मेदारी भी उन्हीं के ऊपर डाली जा रही है. आप किसी के परिवार के बारे में कैसे कुछ कह सकते हैं? वो पि छले दो महीने से मिल नहीं पा रही थीं. क्या...

حظي فان إيك بتقدير كبير خلال حياته بسبب لمسات التجديد التي أضفاها على فن الرسم

وفي الفترة السابقة لبدء فان إيك مسيرته الفنية، كان الفنانون الذين يحاولون رسم أسطح ذهبية يستخدمون عادة صفائح ذهبية لتجسيد ذلك، وهي الصفائح التي كانت تبدو مُسطحّة على أرضية اللوحة. لكن فان إيك صوّر الذهب - وبعض الأشياء المعدنية الأخرى - باستخدام الأصباغ، ونجح في إظهار هذه الأسطح تحديدا وكأنها تشع نورا. وهكذا، ففي الفترة التي سبقت ظهور الفنان الشهير ليوناردو دا فينشي، كان يمكن أن يُوصف فان إيك بأنه "سيد الضوء"، وقد كان معروفا - على أي حال - بأنه درس علم البصريات. نيا وبدأ يرسم خططاً لمستقبلهما معاً، لكن تونيا لم تكن تبادله الحب، بل كانت مجرد محتالة. يقول توماس: "كان هناك الكثير من القواسم المشتركة الاباحية الجنس & أنيل الجنس جمع بيننا، كنا نتحدث يومياً على مدى سبعة أشهر. كانت جميلة ومرحة ولطيفة". ويضيف: "عندما أنظر إلى الوراء الآن، لا أستطيع أن أصدق كيف تمكنت من ا الاباحية الجنس & أنيل الجنس جمع ستغلالي بهذه السهولة، فلم يخطر ببالي أنها كانت تستدرجني لإعطائها بيانا الاباحية الجنس & أنيل الجنس جمع ت حسابي المصرفي لتتمكن من الحصول على ا...